कर्नाटक

शराब दुकानों के समय उल्लंघन पर कर्नाटक में सियासत गरम, BJP नेता ने CM को लिखा पत्र

Kavita2
24 April 2026 1:53 PM IST
शराब दुकानों के समय उल्लंघन पर कर्नाटक में सियासत गरम, BJP नेता ने CM को लिखा पत्र
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Karnataka कर्नाटक: शराब की दुकानों और बार के खुलने के समय के कथित उल्लंघन को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सुरेश कुमार ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को पत्र लिखकर इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने राज्य में नियमों की अनदेखी पर गंभीर चिंता जताई है।

अपने पत्र में सुरेश कुमार ने आरोप लगाया है कि राज्य के कई हिस्सों में शराब की दुकानें और बार सरकार द्वारा निर्धारित समय से पहले ही खोल दिए जा रहे हैं। नियमों के अनुसार, शराब की दुकानें सुबह 10 बजे के बाद ही खोली जानी चाहिए, लेकिन कई जगहों पर ये दुकानें सुबह 5 बजे से ही संचालित हो रही हैं। इसे उन्होंने स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन बताया है।

उन्होंने कहा कि इस तरह की अनियमितताओं पर रोक लगाना जरूरी है, क्योंकि इसका सीधा असर समाज पर पड़ रहा है। उनके अनुसार, शराब की दुकानों के जल्दी खुलने से न केवल नियमों की अवहेलना हो रही है, बल्कि सामाजिक व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।

BJP नेता ने चेतावनी दी कि इस तरह की स्थिति से खासकर युवाओं में शराब की लत बढ़ने का खतरा है। उन्होंने कहा कि सुबह के समय भी कई लोग शराब का सेवन कर सार्वजनिक स्थानों पर बेहोशी या असहाय स्थिति में पड़े देखे जा रहे हैं, जिससे सामाजिक अनुशासन और सार्वजनिक व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे दृश्य अब आम होते जा रहे हैं, जहां सुबह 6 से 7 बजे के बीच ही लोग शराब पीकर सड़कों या सार्वजनिक स्थानों पर नजर आते हैं। सुरेश कुमार के अनुसार, यह स्थिति राज्य की छवि और समाज की सेहत दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस मामले की जांच कराई जाए और नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।

इस मुद्दे पर राज्य की राजनीति भी गरमा गई है, जहां विपक्ष सरकार पर कानून व्यवस्था और प्रशासनिक नियंत्रण को लेकर सवाल उठा रहा है। वहीं सरकार की ओर से अभी तक इस पत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि शराब बिक्री के नियमों का पालन न होना न केवल प्रशासनिक कमजोरी को दर्शाता है, बल्कि इससे सामाजिक समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। इसलिए इस विषय पर सख्त निगरानी और कार्रवाई की आवश्यकता बताई जा रही है।

फिलहाल यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

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